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प्रदुषण को हराना है या मास्क लगाना है ?????दिल्लीवालों !

                           दिल्ली वालों बाइसिकल का इस्तेमाल करो । आइये पहले कुछ समझ लेते है।

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हमारी धरती पहले बहुत खूबसूरत हुआ करती थी हर जगह पेड़ पौधे हरियाली नदी पहाड़ जीव जंतुओं से भरपूर हुआ करती थी ! फिर इसी बीच हम इंसान आए हमको रहने के लिए मकान खाने के लिए अनाज की जरुरत महसूस हुई ! हमने घर बनाने के लिए पेड़ काटे हमने खेत बनाने के लिए पेड़ काटे फिर हमारी जनसँख्या दिनों दिन बढ़ने लगी हमने पेड़ और जंगलो की कटाई में इजाफा कर दिया ! फिर हमने अपनी जरूरतों में बढ़ोतरी की, हम ज्यादा आरामदायक ज़िन्दगी जीने में लग गए । आज जब वर्तमान की बात करे तो जगह जगह फैक्टरियां मोटर गाड़ियों की भरमार है ।

लेकिन प्रकृति से जो खिलवाड़ हुआ उसका नतीजा क्या हुआ है? धूल और धुएं से दूषित हवा, जहरीले रसायन से दूषित पानी, खतरनाक कचरे से भरी मिट्टी,बदबूदार नालियां और मोटर गाड़ियों , फैक्टरियों से निकलती कानफोड़ू तेज आवाजे । इन सब के बीच बिमारियों से घिरे हम ।

अब बात दिल्ली और उसके ही जैसे अन्य प्रदूषित शहरों की । अब तो प्रदुषण ने रेड सिग्नल दे दिया है । हमारे आने वाली पीढ़ी शुद्ध ताजी हवा में साँस ले पाये इसके लिए हम क्या क्या कर सकते है इस पर विचार और अमल करे।

1. बाइसिकल का उपयोग अनिवार्य ।

2. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग । बाइसिकल का उपयोग ना करने की स्थिति में ।

3. सिगरेट बीड़ी जैसो चीज़ों पर पूर्णतया रोक ।

4. सभी घरों की छतों में सोलर पावर सिस्टम लगाना अनिवार्य ।

5. कचरे के जलाने और इधर उधर फेकने पर पूर्ण रोक ।

अब गहराई से समझते है कि ऊपर लिखी बाते क्यों कही जा रही है । पहला जो पॉइंट है कि दिल्ली में हर किसी के लिए बाइसिकल अनिवार्य वो इसलिए कही जा रही है अगर ये अनिवार्य नहीं किया गया तो कुछ ही लोग इस्तेमाल करेंगे और अधिकतर लोग नहीं करेंगे । विशेष परिस्थितियों में कुछ लोगों को छूट दी जा सकती है । हम आज इतने आरामपरस्त हो गए है कि थोड़ी दूर सब्जी लेने भी जाना होता है तो कार से या मोटर बाइक से जाते है । कुछ लोग तो ऑफिस में भी दिखावे के लिए कार से जाते है कि अब मैं भी कार वाला हो गया हूँ जबकि वो दूसरे कम प्रदुषण करने वाले साधनों से ऑफिस आसानी से पहुँच सकते है । आखिर हम लोगो को स्वस्थ रहने के लिए सुबह शाम टहलना व्यायाम करने जैसी चीज़े करनी ही पड़ती है । अगर सब बाइसिकल से जायेंगे तो सब का व्ययाम तो होगा ही और पूरी दिल्ली से मोटर बाइक और कार के गायब होने से प्रदुषण एकदम से कण्ट्रोल में आएगा।

दूसरा पॉइंट पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज्यादा इस्तेमाल से और बाइक कार के सड़क से गायब हो जाने पर कभी जाम नहीं लगेगा ।

तीसरा पॉइंट फैक्टरियों गाड़ी मोटर से क्या कम धुआँ निकल रहा है जो लोगो को बीड़ी सिगरेट जैसी चीज़े सुलगाने में मज़ा आ रहा है । किसी के मज़े के लिए आपकी हवा जहरीली क्यों हो ? किसी के मज़े के लिए आप मास्क लगाने पर मजबूर क्यों हो?

चौथा पॉइंट हम जितनी ज्यादा क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल करेंगे हमारा वातावरण उतनी जल्दी साफ़ होगा ।

पाँचवे पॉइंट पर बात रखने की उतनी जरुरत नहीं है आप सब समझते है ।

और हाँ सबसे महत्वपूर्ण बात ये पोस्ट बहुत लोगों को बुरी लगने वाली है, हमको भी बुरा लगता है जब बच्चे बूढ़े को मास्क लगाना पड़ता है !खैर जो भी आपको पोस्ट कैसा लगा, अच्छा लगा बुरा लगा, कुछ सुधार, कुछ विचार जो भी हो कमेन्ट जरुर करे ! धन्यवाद !